कामना
लिख पाऊँ ना प्रेम तो कोई बात नहीं पर हे प्रभु हिय में नफ़रत वाले भाव न देना। बल बाहों में हो ना हो तिरने को नदिया। बीच धार डूबे जो ऐसी नाव न देना।। झरे न मधु वाणी से कोई बात नहीं प
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“ज्ञान केवल अर्जित करने की वस्तु नहीं — उसे बाँटना, जीना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना भी एक दायित्व है।”
दृष्टिकोण और जीवन-दर्शन ↗हिंदी की पारंपरिक काव्य-विधाओं से लेकर स्वतंत्र कविताओं तक — रचनाओं का एक सुव्यवस्थित, बढ़ता हुआ संग्रह।
लिख पाऊँ ना प्रेम तो कोई बात नहीं पर हे प्रभु हिय में नफ़रत वाले भाव न देना। बल बाहों में हो ना हो तिरने को नदिया। बीच धार डूबे जो ऐसी नाव न देना।। झरे न मधु वाणी से कोई बात नहीं प
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साहित्यिक संग्रह
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विद्यार्थियों के साथ सीखने-सिखाने और उनके विकास में सहयोग की दीर्घ यात्रा।
शैक्षणिक जिम्मेदारियों और संस्थागत नेतृत्व का अनुभव।
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शिक्षा, आध्यात्मिक चिंतन और पुस्तक-समीक्षा — विचारों को संवाद में बदलने के लिए।
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शिक्षा के विचार ↗जीवन, विवेक और आत्ममंथन पर आधारित लेख और निजी विचार।
चिंतन पढ़ें ↗अन्य लेखकों की पुस्तकों पर गंभीर, संवेदनशील और स्वतंत्र पाठकीय दृष्टि।
समीक्षाएँ पढ़ें ↗“ज्ञान केवल अर्जित करने की वस्तु नहीं — उसे बाँटना, जीना और अगली पीढ़ी तक पहुँचाना भी एक दायित्व है।”
संपादकीय परिचय-पंक्तिप्रकाशित लेख और पुस्तक-समीक्षाएँ यहाँ दिखाई देंगी। अभी कोई सामग्री प्रकाशित नहीं है।
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